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101 Best Old Hindi Movies From Bollywood (1950-1990)

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The Greatest Hindi Films from BollywoodThis article features 101 classic Bollywood movies that I know we all love. There is nothing like a classic film to lift your spirits and keep you entertained, and these great movies represent the best Bollywood has to offer.Everyone loves to lose themselves in a swirling entertaining movie. I hope that my selections are the ones you would make as you select the best of Bollywood as you remember.
The Love of Classic MoviesSo let's sit down and talk about the 101 best classic Hindi films. In the list below, I write about 101 films made in India which deserve high praise for their cinematic excellence. All of the films listed here were made between the years 1950 to 1990. Enjoy! 101 of the Best Classic Hindi FilmsAmar Prem (1972)Anand (1971)Angoor (1982)Awara (1951)Albela (1951)Amar Akbar Anthony (1977)Anari (1959)Agneepath (1990)Andaz (1971)Aradhana (1969)Ardhangini (1959)Arth (1982)Arzoo (1965)Ankush (1986)Baazi (1951)Baiju Bawra (1952)Bobby (1…

हाथ-पैर कटने के बाद आदमी जिंदा रहता है तो फिर गर्दन कटते ही क्यों मर जाता है / GK IN HINDI

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न्यूज़ में अक्सर यह सुनने को मिल जाता है कि किसी एक्सीडेंट में हाथ या पैर कट जाने के बाद भी घायल ना केवल जिंदा था बल्कि अपने दम पर उठा और अस्पताल तक भी पहुंचा। सवाल यह है कि जब हाथ या पैर कट जाने पर इंसान जिंदा रहता है तो फिर गर्दन कटते क्यों बढ़ जाता है। इसके पीछे का विज्ञान क्या है।
हाथ या पैर कटने पर क्या होता है यदि किसी एक्सीडेंट या हमले में किसी व्यक्ति का हाथ या पैर कट जाए तो वहां से बहुत तेजी से खून की धार निकलती है। यदि निकलते हुए खून को तत्काल रोकने में सफलता प्राप्त हो जाए तो व्यक्ति की जान बच जाती है। शरीर के किसी भी अंग के कटकर अलग हो जाने पर मृत्यु तभी होती है जब अत्यधिक मात्रा में खून निकल जाए लेकिन गर्दन के मामले में ऐसा नहीं है। 
गर्दन कटने पर क्या होता है यदि किसी हादसे या हमले में गर्दन कट जाए तो इंसान की तत्काल मृत्यु हो जाती है। कभी-कभी तो गर्दन पर पूरा कटना लगने के बावजूद मृत्यु हो जाती है। ऐसे मामलों में खून का अत्याधिक निकलना भी जरूरी नहीं है। क्योंकि हमारा पूरा शरीर दिमाग के आदेश पर काम करता है और नाक द्वारा ऑक्सीजन लिए जाने पर हृदय खून को पूरे शरीर में पहुंचाता…

मैं आपसे निजी तौर पर निवेदन कर रहा हूँ

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अगर मार्केट खुलता भी है तो भी घर से बाहर ना जाएं क्योंकि वास्तविक स्थिति बहुत ज्यादा खराब है! 10% भी आंकड़े स्पष्ट नहीं है!

मई और जून पूरा घर पर ही रहें और आगे 1 साल तक बहुत ज्यादा आप अपनी और परिवार की सेफ्टी करें!

अपना ध्यान खुद रखें गवर्नमेंट के पास भी इसका कोई उपाय नहीं है, हालात बहुत खराब है!

अस्पतालों में व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है जो कर रहे हैं, वह खुद बहुत डरे हुए हैं!
अस्पतालों में पहुंचने वाला सामान्य पेशेंट भी कोरोना ग्रस्त हो रहा है!

*अपनी जान खुद बचाओ* स्थिति जितनी बताई जा रही है उससे कई गुना ज्यादा गम्भीर हैं,
इस बात को बिल्कुल हल्के में ना लें आपका कोई करीबी चाह कर भी आपकी मदद नहीं कर पाएगा, आपकी जमा पूंजी/सारा पैसा धरा का धरा रह जाएगा कोरोना होने पर कुछ भी काम नहीं आएगा!

*याद रहे, सच्चाई और दवाई दोनों बहुत कड़वी होती है, लेकिन स्वीकार करने में ही समझदारी है*

इस बात से ही अंदाजा लगा लीजिए कि 135 करोड़ की आबादी है अपने देश की अगर रोजाना 1 लाख टेस्ट भी होंगे... तो आखिरी व्यक्ति का नंबर 37 साल बाद आएगा !

यह अब हमारे जीवन का एक हिस्सा है जिसका असर कई वर्षों …

पलवल के 70 कर्मचारियो के सैंपल में मिला पहला कोरोना पोजोटिव

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पलवल के 70 कर्मचारियो के सैंपल में मिला पहला कोरोना पोजोटिव, 
दूसरा केस घुडावली से मिला, तीसरा केस मर्रोली गांव का है जो फरीदाबाद में एडमिट है


पलवल 3 मई। पलवल जिले में रविवार को दो नए कोरोना पोजोटिव केस आने से पलवल के लोगों के चेहरे मुरझा गए है।  लोगों को उम्मीद थी कि ओरेंज जोन में आने से पलवल को बडी राहत मिल सकती है परन्तु रविवार को सपनो पर पानी फिर गया। सिविल सर्जन डा ब्रह्मदीप सिंह ने जानकारी दी कि रविवार को पोजीटिव आए नए मामलों में एक नूंह जिला का निवासी है जोकि पुलिस विभाग पलवल में कार्यरत था। स्वास्थ्य विभाग द्वारा हॉटस्पाट व कंटेनमेंट जोन से आवागमन व ड्यूटी करने वाले लोगों के नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच व सैंपल लिए जा रहे है।

 अब तक लिए गए करीब 70 सैंपल्स में यह पहला पोजीटिव केस सामने आया है। दूसरा मामला कंटेनमेंट जोन में शामिल घुड़ावली से सामने आया है। कंटेनमेंट प्लान के अनुसार स्वास्थ्य विभाग को टीम को डोर टू डोर स्क्रीनिंग के दौरान संबंधित व्यक्ति में कोरोना संक्रमण का अंदेशा हुआ जिसके उपरांत तुरंत सैंपल लिया। स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता से ही यह केस ट्रेस हो पाया। रविवार को …

धरती के बगल से गुजर गया विशालकाय एस्टेरॉयड, 11 साल बाद फिर लौटेगा

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धरती के बगल से गुजर गया विशालकाय एस्टेरॉयड, 11 साल बाद फिर लौटेगा
अंतरिक्ष से आ रहा एस्टेरॉयड 1998 OR2 धरती के बगल से गुजर गया. इससे पृथ्वी को कोई खतरा नहीं था, क्योंकि यह धरती के करीब 63 लाख किलोमीटर दूर से गुजरा है. इसके पहले ये एस्टोरॉयड 12 मार्च 2009 को 2.68 करोड़ किलोमीटर की दूरी से गुजरा था. अब धरती के लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. क्योंकि इसके गुजरने के साथ ही दुनिया भर के वैज्ञानिकों ने चैन की सांस ली है. हांलाकि, इस पर अध्ययन जारी रहेगा.





खगोलविदों के अंतरराष्ट्रीय समूह के डॉ. ब्रूस बेट्स ने ऐसे एस्टेरॉयड को लेकर कहा कि छोटे एस्टेरॉयड कुछ मीटर के होते हैं. ये अक्सर वायुमंडल में आते ही जल जाते हैं. इससे कोई बड़ा नुकसान नहीं होता है. (फोटोः नासा)
बता दें कि साल 2013 में लगभग 20 मीटर लंबा एक उल्कापिंड वायुमंडल में टकराया था. एक 40 मीटर लंबा उल्का पिंड 1908 में साइबेरिया के वायुमंडल म

Zatch Bell In Hindi

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Zatch Bell In Hindi | Season1 | HC Anime

Series InfoName : Zatch Bell
Release Year : 2005
Quality : 480p, 720p
Language : Hindi
Size : 100-200MB

About : One hundred Mamodo go to Earth every 1,000 years to battle to be the king of the Mamodo world. Each Mamodo needs a human partner in order to use his or her spell book, a book that seals the powers of the Mamodo. When read aloud, the spells are cast by the Mamodo producing many effects. If the spell book is burned, the Mamodo is forced to return to the Mamodo world, and they lose all claim to the position of the Mamodo king. While the spells in each book typically are different for each Mamodo, there are Mamodo that share spells, like Zatch Bell and his evil twin brother, Zeno Bell. The human and their Mamodo gain these spells through experience and hard work. The last Mamodo standing without their book burnt is the new Mamodo king.
Zatch Bell! Hindi Episode ListSeason 1Episode 1-The lightning boy from another worldEpisode 2-A freezing spel…

कोरोना वायरस : पलवल में दस दिनों से सामने नहीं आया नया मामला

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कोरोना वायरस : पलवल में दस दिनों से सामने नहीं आया नया मामला
(Covid-19) कोरोना वायरस : पलवल में दस दिनों से सामने नहीं आया नया मामला
पिछले आठ दिनों से जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीज होने की कोई रिपोर्ट नहीं आई है। इसको स्वास्थ्य विभाग अच्छे संकेत मान रहा है। 
सीएमओ ब्रह्मदीप सिंधु का कहना है कि पिछले दस दिनों के अंदर कोई भी नया मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने बताया कि अब ऐसे इलाकों से भी सैंपल लिए जाएंगे, जहां पॉजिटिव मरीज मिले हैं। बृहस्पतिवार को भी 132 सैंपल लिए गए हैं। जिनकी रिपोर्ट आना बाकी है। उनका मानना है कि जिले में कम्यूनिटी के अंदर संक्रमण नहीं फैला है। संक्रमण न फैले इसको लेकर डोर टू डोर थर्मल स्क्रीनिंग का काम जारी है। 
वहीं, नूंह उपायुक्त पंकज ने बताया कि 57 कोरोना संक्रमितों में से 35 स्वस्थ हुए लोगों को मालब गांव, शमसुद्दीन हॉस्टल के एकांतवास में 14 दिन तक एहतियात के तौर पर रखा गया था। इनमें से 17 लोगों को (जो लोकल के है) घर भेजा गया है। अभी 2160 लोगों को सर्विलांस पर रखा गया है। सीएमओ नूंह ने बताया कि जिले में अब 22 केस एक्टिव हैं। साथ ही करीब 171 सैंपल की रिपोर्ट आना बका…